रविवार, 4 जनवरी 2026

माता सावित्रीबाई फुले जी जी का जन्मदिवस कार्यक्रम

माता सावित्रीबाई फुले जी के जन्मदिवस के अवसर पर अखिल भारतीय अम्बेडकर संघ द्वारा उनके जीवन, संघर्ष एवं सामाजिक योगदान पर प्रकाश डालने हेतु एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में शिक्षा, समानता और महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता फैलाना था।

गोष्ठी को संबोधित करते हुए संघ के निवर्तमान अध्यक्ष महावीर प्रसाद मौर्य ने कहा कि सावित्रीबाई फुले जी भारत की प्रथम महिला शिक्षिका थीं, जिन्होंने विपरीत सामाजिक परिस्थितियों में भी नारी शिक्षा की अलख जगाई। उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले का जीवन आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है और उनके बताए मार्ग पर चलकर ही सामाजिक कुरीतियों को समाप्त किया जा सकता है।
इस अवसर पर संघ के नव निर्वाचित महामंत्री डॉ. हरनन्दन प्रसाद ने अपने विचार रखते हुए कहा कि सावित्रीबाई फुले जी ने नारी शक्ति को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा शिक्षा की लौ जगाने बाली भारत की प्रथम महिला शिक्षिका बनी।
महेन्द्र पाल सिंह ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि छुआछूत, जातपात और अंधविश्वास के विरुद्ध भी संघर्ष किया। वहीं विनीत कुमार ने उनके सामाजिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि सावित्रीबाई फुले जी का संपूर्ण जीवन दलित, शोषित और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महावीर प्रसाद मौर्य ने की, जबकि गोष्ठी का संचालन रघुवीर सिंह द्वारा किया गया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में महावीर प्रसाद मौर्य ने सभी से सावित्रीबाई फुले जी के विचारों को आत्मसात करने और समाज में समानता व भाईचारे को मजबूत करने का आह्वान किया।
विचार गोष्ठी में नव निर्वाचित अध्यक्ष महेन्द्रपाल सिंह, विमलधीर, जयप्रकाश सिंह, योगराज सिंह, डॉ विनीत कुमार, जितेन्द्र कुमार जोली, सुनील कुमार, प्रशांत कुमार सहित अनेक गणमान्य लोगों ने भाग लिया और सावित्रीबाई फुले जी के जीवन पर अपने-अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें